Friday, May 29, 2026

बशीर बद्र को आख़िरी सलाम -उर्दू अदब का एक रोशन चिराग बुझ गया।

बशीर बद्र को आख़िरी सलाम -उर्दू अदब का एक रोशन चिराग बुझ गया।: लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में,**तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में।" - उर्दू को आसान शब्दों में पिरोना उनके हुनर का एक खूबसूरत नमूना --

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