Saturday, January 17, 2026
गोल्ड किंग चैरिटेबल ट्रस्ट के 21 वर्ष पूरे, होने पर समीक्षक बैठक – ट्रस्ट समाज के लिए नियमित समर्पित
गोल्ड किंग चैरिटेबल ट्रस्ट के 21 वर्ष पूरे, होने पर समीक्षक बैठक – ट्रस्ट समाज के लिए नियमित समर्पित: गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे दिव्यांगों के बच्चों को फ्री उच्च शिक्षा और स्वयं रोजगार के लिए एमएसएमई से राजिस्ट्रेशन करा उन
Monday, December 22, 2025
हरिद्वार में बन रहा है संसार का सबसे बड़ा विश्व सनातन महापीठ
हरिद्वार में बन रहा है संसार का सबसे बड़ा विश्व सनातन महापीठ: विश्व सनातन महापीठ सनातन आत्मा की जागृति का केंद्र बनेगा। यहाँ धर्म केवल वाणी नहीं, बल्कि आचरण और जीवन का आधार बनेगा।
Tuesday, November 4, 2025
ऐतिहासिक विजय: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा विश्व कप का नया इतिहास
ऐतिहासिक विजय: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा विश्व कप का नया इतिहास: 2025 का यह वर्ष भारतीय खेलों के लिए स्वर्णिम वर्ष के रूप में दर्ज होगा। भारत की बेटियाँ अब सिर्फ़ इतिहास नहीं, भविष्य लिख रही हैं।
Saturday, September 9, 2023
Saturday, January 14, 2023
भारत के अतिपिछड़े क्षेत्रों मे शिक्षा के स्तर को बढाने को ले कर (जेएमआई) के प्रो. डॉ. रकीब आलम, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
भारत के अतिपिछड़े क्षेत्रों मे शिक्षा के स्तर को बढाने को ले कर (जेएमआई) के प्रो. डॉ. रकीब आलम, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।: बुद्धिजीवी लोग समाजिक कार्यकर्ताओं मिल कर भारत के पिछड़े वर्गों को एक अभ्यान के तौर पर जागरूक करने की आवश्यकता है - महामहिम राष्ट्रपति
Monday, January 9, 2023
Tuesday, December 20, 2022
पकरीबरावां में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन।
पकरीबरावां में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन।: मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाना बहुत ही सर्वश्रेष्ठ पुण्य का कार्य एवं समाज में जागरूकता और विकास का मार्ग प्रशस्त करता है -
Wednesday, November 16, 2022
Sunday, July 17, 2022
सिंगापुर में दिल्ली मॉडल प्रस्तूत करने केजरीवाल को बुलाया – केंद्र ने बैन लगाया ? ,🤔
सिंगापुर में दिल्ली मॉडल प्रस्तूत करने केजरीवाल को बुलाया – केंद्र ने बैन लगाया ? ,🤔: दिल्ली सीएम ने प्रधानमंत्री से, सिंगापु में आयोजित होने वाले वर्ल्ड सिटी सम्मेलन में जाने की मांगी अनुमति। दिल्ली सीएम असमंजस में ।
Monday, May 23, 2022
Saturday, November 13, 2021
एक हिंदुस्तानी पत्नी की दिलकश रूदाद!!
एक हिंदुस्तानी पत्नी की दिलकश रूदाद!!: 🔊 Listen This News मुझे राजीव लौटा दीजिए मैं लौट जाऊंगी, नहीं लौटा सकते तो उनके पास यहीं मिट्टी में मिल जाने दीजिए। (सोनिया गांधीजी के पत्र का एक अंश!) एक हिंदुस्तानी पत्नी की दिलकश रूदाद !! आपने देखा है न उन्हें। चौड़ा माथा, गहरी आंखे, लम्बा कद और वो मुस्कान। जब मैंने भी उन्हें […]
Monday, September 27, 2021
Friday, September 24, 2021
मोदी राज में पूंजीपति मालामाल, किसान मजदूर हो गए कंगाल।
मोदी राज में पूंजीपति मालामाल, किसान मजदूर हो गए कंगाल।: 🔊 Listen This News मोदी राज में पूंजीपति मालामाल, किसान मजदूर हो गए कंगाल। मजदूर और किसान संगठनों के आवाहन पर भारत बचाओ दिवस के तहत बनी प्रभावी मानव श्रृंखला संभाग आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर मजदूर संहिता और काले कृषि कानून वापस लेने की मांग इंदौर – अखिल भारतीय संयुक्त अभियान समिति के आवाहन […]
Saturday, June 26, 2021
Sunday, May 30, 2021
प्रेरणा - खुद्दार एक भारतीय नारी की कहानी
प्रेरणा - खुद्दार एक भारतीय नारी की कहानी - कटनी की एक गरीब महिला कुली ?
एस.ज़ेड.मलिक (पत्रकार)
मध्य्प्रदेश के कटनी जंक्शन पर 45 कुलियों के बीच अकेली महिला कुली न० 36 हैं, वह इज्जत से कमाती हैं, मेहनत की खाती है बच्चों को अधिकारी बनाना चाहती हैं।
एक संघर्षील महिला का जीवन " न नहिरे सुख न सौहरे सुख " वाली कहावत पर चिर्तार्थ होती विशेष कर एक गरीब परिवार की महिला के जीवन में वैसे ही कम संघर्ष नहीं होता है, उस पर अगर उसके पति की मृत्यु हो जाए, तब तो परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी भी उसी पर आ जाती है। फिर भी वह घर की और बाहर की दोनों जिम्मेदारियाँ बखूबी निभाती है ।
मध्यप्रदेश के कटनी जंक्शन में कुली का काम करने वाली अकेली
31वर्षीय महिला "संध्या" को देख कर यात्री अचम्भित रहते हैं, लेकिन यह महिला लोगों की अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत से करती हैं। वह कहती हैं कि “भले ही मेरे सपने टूट गए हैं, पर हौसले अभी अभी बुलंद है। ज़िन्दगी ने मुझसे मेरा हमसफर छीन लिया है, लेकिन अब बच्चों को पढ़ा लिखाकर फ़ौज में अफसर बनाना चाहती हूँ। इसके लिए मैं किसी के आगे हाथ नहीं फैलाऊंगी। कुली नंबर 36 हूँ और मेहनत से कमाती हूँ और इज़्ज़त से खाती हूँ।” स्वाभिमानी महिला हैं, किसी से मदद की याचना करने की बजाय वे महंत करके अपने परिवार के लिए रोज़ी रोटी कमाने में विश्वास रखती हैं ।
हर रोज़ मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करती हैं। उनके ऊपर एक बूढ़ी सास और तीन बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी है, इसलिए वे यह जिम्मेदारी उठाने के लिए, यात्रियों का बोझ उठती हैं। उन्होंने अपने नाम का रेल्वे कुली का लाइसेंस भी बनवा लिया है और अब वे इस काम को पूरे परिश्रम और हिम्मत के साथ करती हैं। रेल्वे प्लेटफॉर्म जब वे यात्रियों का वज़न उठाकर चल रहे होते हैं तो सभी लोग उन्हें देखकर आश्चर्य में पड़ जाते हैं और उनकी हिम्मत की तारीफ किए बिना नहीं रह पाते हैं ।
कुली नम्बर 36 कटनी जंक्शन पर कुली का काम करती हैं, इनका पूरा नाम संध्या मारावी है। वे जनवरी 2017 से लेकर यह काम कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे यह काम मजबूरी में करती हैं क्योंकि उन्हें अपनी बूढ़ी सास और तीन बच्चों को पालना है। वे कहती हैं कि वह अपने पति के साथ कटनी में ही रहती थीं। उनके तीन बच्चे हैं ।
30 वर्ष की उम्र में पहले संध्या अन्य महिलाओं की तरह ही घर और बच्चों को संभाला करती थी। इसी बीच उनके पति भोलाराम बीमार हो गए। उनकी बीमारी काफ़ी समय तक चली और फिर 22 अक्टूबर 2016 को उनकी मृत्यु हो गई। जब उनके पति बीमार थे, तब भी वे मजदूरी करके अपने घर का ख़र्च उठाते थे। पति के गुजर जाने के बाद सारी जिम्मेदारी संध्या पर आ गई। उनको अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी की चिंता होने लगी इसलिए उन्हें जल्द से जल्द किसी नौकरी की आवश्यकता थी, अतः जब कोई अन्य नौकरी ना मिल पाई तो उन्होंने कुली की नौकरी ही कर ली ।
संध्या कहती हैं कि जिस समय हमें नौकरी खोज रही थी तब किसी व्यक्ति ने उन्हें बताया कि कटनी रेलवे स्टेशन पर कुली की आवश्यकता है तो उन्होंने जल्दी से इस नौकरी के लिए आवेदन कर दिया। वह बताती है कि इस रेलवे स्टेशन पर 45 पुरुष कुली हैं और उनके बीच में अकेली संध्या महिला कुली के तौर पर काम करते हैं पिछले वर्ष ही उन्हें बिल्ला नंबर 36 मिला ।
सन्ध्या जबलपुर में रहती हैं और नौकरी के लिए कुंडम से प्रतिदिन 90 किमी ट्रैवल (45 किमी आना-जाना) करके कटनी रेलवे स्टेशन पहुँचती हैं। फिर काम करके जबलपुर और फिर घर लौट पाती हैं। इस दौरान जब वे नौकरी के लिए जाती हैं तो उनकी सास बच्चों की देखभाल करती हैं ।
संध्या के तीन बच्चे हैं, साहिल उम्र 8 वर्ष, हर्षित 6 साल व बेटी पायल 4 वर्ष की है। इन तीनों बच्चों के पालन और अच्छी शिक्षा के लिए वह लोगों का बोझ उठाकर अपने बच्चों को पढ़ाती हैं। वे चाहती हैं कि उनके बच्चे बड़े होकर देश की सेवा के लिए फ़ौज में अफसर बनें। बच्चों के लिए स्वाभिमान के साथ संघर्ष करती हुई इस माँ के जज्बे को सलाम है ।
Saturday, May 29, 2021
मोदी ने बनाया अपने रिश्तेदारों को करोड़पति।
बहुत महत्वपूर्ण जानकारी: -
मोदी ने बनाया अपने रिश्तेदारों को करोड़पति।
*बीजेपी नेता और बीजेपी आईटी सेल के लोग लगातार यह कहते नहीं थकते हैं कि .... मोदी अपने रिश्तेदारों के सामने घास भी नहीं डालते। लेकिन ये सभी पिछले कुछ वर्षों में करोड़पति और कुछ अरबपति कैसे बन गए हैं।*
1. *सोमाभाई मोदी (75 वर्ष)* सेवानिवृत्त स्वास्थ्य अधिकारी - वर्तमान में गुजरात में भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
2. *अमृतभाई मोदी (72 वर्ष)*
पूर्व में एक निजी कारखाने में कार्यरत, वह आज अहमदाबाद और गांधीनगर में सबसे बड़े रियल एस्टेट टाइकून हैं।
3. *प्रह्लाद मोदी (64 वर्ष)* की राशन की दुकान हुआ करती थी, वर्तमान में हुंडई, मारुति और होंडा के अहमदाबाद, वडोदरा में चार पहिया वाहन शोरूम हैं।
4. *पंकज मोदी (58 वर्ष)* पूर्व में सूचना विभाग में एक सामान्य कर्मचारी थे, आज सोमा भाई भर्ती बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में उनके साथ हैं।
5. *भोगीलाल मोदी (67 वर्ष)* स्वामित्व वाले किराना स्टोर, आज अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में रिलायंस मॉल के मालिक हैं।
6. *अरविंद मोदी (64 वर्ष)* वे एक स्क्रैप डीलर थे, आज वह रियल एस्टेट और बड़ी निर्माण कंपनियों के लिए स्टील ठेकेदार हैं।
7. *भारत मोदी (55 वर्ष)* एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहे थे। आज, वह अहमदाबाद में अगियारस पेट्रोल पंप के मालिक हैं।
8. *अशोक मोदी (51 वर्ष)* की पतंग और किराने की दुकान थी। आज, वह भोगीलाल मोदी के साथ रिलायंस में भागीदार हैं।
9. *चंद्रकांत मोदी (48 वर्ष)* एक गौशाला में काम कर रहे थे। आज, अहमदाबाद, गांधीनगर में इसके नौ दुग्ध उत्पादन केंद्र हैं।
10. *रमेश मोदी (57 वर्ष)* शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। आज उनके पास पांच स्कूल, 3 इंजीनियरिंग कॉलेज, आयुर्वेद, होम्योपैथी, फिजियोथेरेपी कॉलेज और मेडिकल कॉलेज हैं।
11. *भार्गव मोदी (44 वर्ष)* अध्यापन केंद्र में काम करते हुए रमेश मोदी की संस्थाओं में भागीदार हैं
12. *बिपिन मोदी (42 वर्ष)* अहमदाबाद लाइब्रेरी में काम करते थे। आज केजी से 12 वीं तक पुस्तक वितरण करने वाले एक प्रकाशन कंपनी में भागीदार है जो केजी से 12 वीं तक की स्कूली पुस्तकों की आपूर्ति करती है।
*1 से 4 - प्रधानमंत्री मोदी के भाई*
*5 से 9 - मोदी के चचेरे भाई*
*10 - जगजीवन दास मोदी, चचेरे भाई*
*11 - भार्गव कांतिलाल*,
*12 - बिपिन जयंतीलाल मोदी* (प्रधानमंत्री के सबसे छोटे चाचा) के पुत्र हैं।
सभी से अनुरोध है कि यह संदेश हर भारतीय तक पहुंचे ... *जिस अंधभक्त को विश्वास न हो कृपया वो "मुख्य सचिव गुजरात सरकार" से RTI मांग कर संतुष्ट हो सकता है
जय हिन्द*
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